Friday 29 May 2020

मेरा खूबसूरत सपना पर निबंध Essay on my beautiful dream in hindi

Essay on my beautiful dream in hindi
मेरा खूबसूरत सपना पर निबंध

अक्सर हम सभी कई तरह के सपने देखते हैं कुछ सपने ऐसे खूबसूरत होते हैं जो हमेशा हमें हमारे जीवन याद रहते हैं ऐसे खूबसूरत सपने हर कोई देखना चाहता है सपना कुछ समय पहले मैंने देखा था जो 8 सालों बाद भी मेरे दिलो-दिमाग में है एक दिन मैंने सपना देखा कि मैं अपने शहर के एक बगीचे में श्याम के समय घूमने के लिए गया हुआ था शाम के समय एक सुंदर सी लड़की बगीचे के सबसे पीछे एक कुर्सी पर बैठी हुई थी।


मैंने चारों ओर देखा तो बगीचे में और कोई नहीं था वह लड़की थी मुझे थोड़ा अजीब सा लगा की श्याम के समय यह लड़की इस बगीचे में क्या कर रही है मैं कुछ समय तक वहीं पर रुका और कुछ समय बाद मैंने उस खूबसूरत लड़की से पूछ ही लिया कि आप इस शहर से ही हो उसने मुझसे कहा कि मैं इस शहर से नहीं बल्कि दूर एक ऐसे शहर से हूं जहां पर आज तक कोई भी नहीं जा पाया है उस लड़की की ऐसी बातों को सुनकर मुझे थोड़ा अजीब सा लगा मैंने पूछा कि आप किस शहर की हो।


तब बो लड़की मुझसे कहने लगी कि चलो मैं तुम्हें अपने शहर ले चलू वह लड़की बहुत ही खूबसूरत थी मैंने उसकी बात को ना मानना अच्छा नहीं समझा मैं उस लड़की के पास में गया उस लड़की ने सबसे पहले अपने शरीर के पीछे के पंख खोलें मैंने सोचा कि लड़की के पंख कैसे हो सकता है उस लड़की ने मेरे हाथ पकड़े और पंखों की मदद से मुझे ऊपर ले जाने लगी धीरे-धीरे मैं उस सुंदर सी लड़की के साथ आसमान की सैर करने लगा मुझे थोड़ा अजीब सा लग रहा था लेकिन उस खूबसूरत लड़की को देखकर मुझे अच्छा लगा कि मैं इसके साथ में जरूर ही किसी अच्छी जगह पर ही जाऊंगा।


अभी तक मैं समझ चुका था कि जरूर ही आसमान की कोई सुंदर परी है वह सुंदर सी परी मुझे अपने शहर में लेकर आई जब मैंने उस शहर के चारों ओर देखा तो वह शहर बहुत ही खूबसूरत था शहर में कई सारी एक से बढ़कर एक परी थी वहां के सुंदर दृश्य को देख कर मुझे ऐसा लगा कि मैं यहीं पर रहने लगू मैं उस परी के साथ उसके राज महल में गया उसने पूरा राज महल मुझे दिखाया तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा फिर उसने अपने माता-पिता से मुझे मिलाया मैंने देखा कि उस परी की मां भी बेहद सुंदर थी।



 धीरे धीरे मैंने उसके राजमहल को अच्छी तरह से देखा उस परी के कमरे को भी देखा अब मैं अपने घर जाने के बारे में सोच ही नहीं रहा था तभी परी ने मुझसे कहा कि क्या तुम अब घर जाना चाहोगे मैं एक पल सोचने के लिए मजबूर हो गया था क्योंकि एक मन मेरा यहीं पर रहने का कर रहा था तो दूसरा मन मेरा यह कह रहा था कि मैं अपने परिवार वालों के पास जाउ तभी मैंने सोच लिया कि मैं परी के साथ में कुछ दिन बिताऊंगा मैंने कुछ दिन उसके साथ बिताने की बात कहीं परी ने मेरे रुकने के लिए राज महल में अच्छी व्यवस्था की।


 मेरे सोने एवं भोजन की पूरी व्यवस्था की अक्सर सुबह से लेकर शाम तक मैं उस परी के साथ उसके राज्य को देखने में व्यस्त रहता था वह मुझे अपने शहर की कई खूबसूरत जगह को दिखाई मुझे ऐसा लगा कि आजकल के जमाने में ऐसा कैसे हो सकता है कि मैं परियों के नगर में आया हूं लेकिन मुझे लगा कि शायद जो मैं महसूस कर रहा हूं वह बिल्कुल ठीक है लगभग 10 दिन तक रुकने के बाद मैंने परी से कहा कि तुम मुझे उसी बगीचे में छोड़ आओ जहां से मैं तुम्हारे साथ आया था।


 अब मैं उस परी के साथ आसमान के मार्ग से हवा में उड़ता हुआ उस बगीचे में आया मैंने उस परी से पूछा कि तुम अपने शहर से इस जगह क्या करने आई थी तभी उस परी ने कहा कि मैं अक्सर श्याम को कभी-कभी इस शहर में घूमने के लिए आती हू अगर तुम चाहो तो महीने में एक बार सोमवार के दिन शाम को 7:00 बजे के बाद मुझे इस गार्डन में मिल सकते हो मुझे बहुत खुशी हुई अब जाने का वक्त था उस परी ने मेरे हाथ छोड़ दिए और फिर वह आसमान में उड़ती हुई अपने नगर जा पहुंची।


मैं भी फिर अपने घर आया और फिर जब मेरी नींद खुली तो मुझे एहसास हुआ कि यह जो मैंने देखा वह कोई हकीकत नहीं बल्कि एक सपना था यह मेरे जीवन का बहुत ही खूबसूरत सपना था जो मुझे हमेशा याद रहेगा।


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