Saturday, 21 January 2023

चंद्रमा की शहर की मेरी कल्पना पर निबंध chandrama ki sair ki meri kalpana hindi essay

 chandrama ki sair ki meri kalpana hindi essay 

दोस्तों नमस्कार आज हम आपके लिए लाए हैं चंद्रमा की सैर पर हमारे द्वारा लिखित आर्टिकल आप इसे जरूर पढ़ें।


पृथ्वी की सैर तो हर किसी ने की है और हम कल्पना भी कर सकते हैं कि पृथ्वी की सैर कैसे की जाए लेकिन चंद्रमा कि सैर के बारे में हर कोई नहीं सोच सकता। हमने देखा है कि कई बार बड़े-बड़े वैज्ञानिक चंद्रमा पर कई तरह की खोज करने के लिए विमानों से जाते हैं और हमें चंद्रमा के बारे में बताते हैं लेकिन चंद्रमा पर भ्रमण करने के बारे में हमने कभी भी नहीं सोचा होगा।

मैंने भी चंद्रमा की सैर करने के बारे में कभी भी नहीं सोचा था लेकिन एक श्याम मैं ऐसे ही कुछ ख्यालों में था तभी मैंने अखबार में वैज्ञानिकों के चंद्रमा पर जाने की खबर पढ़ी मुझे भी यह सोचने में आने लगा कि चंद्रमा पर सैर करना कितना अच्छा होता होगा काश मैं भी वैज्ञानिक होता और मैं भी चंद्रमा की सैर करता। चंद्रमा कितना सुंदर होगा इस तरह के कुछ ख्याल मेरे मन में आ रहे तभी कुछ समय बाद ही मेरी नींद लग गई।

 कुछ समय बाद मैंने प्रतीत किया कि मैं किसी अलग ही स्थान पर हूं मैं काफी डर गया था क्योंकि किसी अजीब से स्थान पर अकेले होना काफी डरावना हो सकता है। मैंने देखा कि चारों और कुछ भी नहीं था मैं सोच रहा था कि अभी अभी तो मैं सोने से पहले केवल सोच ही रहा था और इतने में ही मैं इस अजीब से स्थान पर कैसे आ गया। मैं घबराता हुआ, तेजी से दौड़ता हुआ आगे बढ़ता जा रहा था तभी मुझे महसूस हुआ कि मैं चंद्रमा पर आ गया।

 एक और जहां मुझे खुशी हो रही थी वहीं दूसरी ओर मुझे अजीब सा लग रहा था क्योंकि वहां पर मेरे सिवा कोई भी नजर नहीं आ रहा था कुछ देर बाद मैंने देखा की कुछ अजीबोगरीब से दिखने वाले लोग मेरे आस-पास थे यह देख कर मैं काफी भयभीत हुआ क्योंकि इस तरह के अजीबो गरीब लोगों को मैंने कभी भी नहीं देखा था। मेरी समझ से परे था कि वह इंसान हैं या जानवर तभी एक मूवी कोई मिल गया मेरे ध्यान में आई मैंने महसूस किया कि जरूर ही एलियन है।

 एलियन मुझसे कुछ कह रहे थे लेकिन मैं उनकी भाषा नहीं समझ पा रहा था मैं भयभीत था लेकिन वह काफी खुश था शायद वह पहले भी मेरे जैसे इंसान से मिल चुके थे उन्हें विश्वास था कि मैं यहां पर उन्हें कोई नुकसान पहुंचाने नहीं आया हूं एक एलियन ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे साथ ले जाने लगा। मेरा हाथ पकड़ते समय वह मुस्कुरा रहा था तो मेरा डर कम हुआ और मुझे खुशी होने लगी कि चलो इसी बहाने चंद्रमा की शहर हो जाएगी।

 मैं चंद्रमा की सैर करते - करते आगे बढ़ा उस एलियन के साथ चंद्रमा की सैर करने में मुझे काफी अच्छा लग रहा था उसके हाथ पकड़ने से भी मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा था। फिर आखिर में चंद्रमा की कई जगह घूमने के बाद एलियन मुझे अपने साथ उनके घर की तरफ ले जाने लगी उसके साथ में काफी सुरक्षित महसूस कर रहा था। सच मानिए उसके हाथ पकड़ के ले जाते समय मुझे ऐसा लगा की किसी लड़की ने मेरा हाथ पकड़ लिया हो।

जब मैं उस यूनियन के साथ उसके घर में गया तब मुझे पता चला एलियन एक लड़की है मैं उसके माता-पिता से भी मिला मुझे अब समझ में आ रहा था कि उसके साथ में ज्यादा अच्छा महसूस क्यों कर रहा हूं। उसके परिवार वालों और आस पड़ोस वालों से मिलने के बाद में कुछ दिन वहीं पर रुका और बाद में मैं अपनी उस एलियन फ्रेंड के साथ अपनी पृथ्वी पर वापस आना चाहता था उसके माता-पिता ने उसे मेरे साथ नहीं आने दिया।

 उसने जब मुझे पृथ्वी पर आने के लिए विमान में बैठाया तो मै काफी दुखी था वह भी काफी दुखी थी मैं अपनी इच्छा पूरी नहीं कर सका क्योंकि मैं उसे अपने साथ ले जाना चाहता था मेरी आंखों से थोड़े थोड़े आंसू भी आ रहे थे।

तभी मेरे बच्चे ने मुझे आवाज दी कि पापा जागो तब मुझे महसूस हुआ कि यह सब सपने में केवल मेरी कल्पना थी लेकिन वास्तव में जो भी कल्पना मैंने मेरे सपने में देखी उससे मुझे कुछ समय तक काफी अच्छा लगा।

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Tuesday, 17 January 2023

आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश में हिंदी की भूमिका पर निबंध Atmanirbhar Madhya Pradesh in hindi nibandh

 आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश में हिंदी की भूमिका पर निबंध 

दोस्तों नमस्कार आज हम आपके लिए लाए हैं आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश में हिंदी की भूमिका पर निबंध तो चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे इस आर्टिकल को।

प्रस्तावना - आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश होना हर किसी का सपना है क्योंकि जब मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर होगा तो धीरे-धीरे हमारा भारत देश भी आत्मनिर्भर होगाा। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश वास्तव में सौभाग्य की बात है आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश में हिंदी की काफी महत्वपूर्ण भूमिका है।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश होगा तभी विकास होगा। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश होना बहुत ही महत्वपूर्ण हैं आत्मनिर्भर मध्यपदेश होगा तभी मध्यप्रदेश विकासशील होगा किसी भी देश या राज्य की विकासशीलता सबसे ज्यादा निर्भर करती है। उस राज्य देश के निवासियों की आत्मनिर्भरता पर यदि किसी राज्य के निवासी आत्मनिर्भर होंगे तो वह राज्य काफी तेजी से आगे बढ़ेगा जिस राज्य के निवासी अपने कामकाज के लिए दूसरों पर निर्भर न रहकर खुद पर निर्भर होंगे तभी देश या राज्य तेजी से विकास करेगा।

आज के समय में हम देखते हैं की अंग्रेजी भाषा काफी प्रचलन है लेकिन आज के समय में कई सारे लोग हिंदी भाषा का भी महत्व समझने लगे हैं क्योंकि हिंदुस्तान से हिंदी है और हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा भी है। किसी विदेशी भाषा को बढ़ावा देना बिल्कुल भी ठीक नहीं है हमें हिंदी भाषा को बढ़ावा देना चाहिए हिंदी भाषा जब आगे बढ़ेगी तब वास्तव में हमारे देश या राज्य का विकास तेजी से होगा क्योंकि हम सभी जानते हैं कि भारत में रहने वाले ज्यादातर लोग हिंदी को जानते हैं।

 हिंदी भाषा पर उनकी अच्छी तरह से पकड़ होती है यदि हम हिंदी भाषा को आगे बढ़ाएं और हिंदी भाषा में ज्यादा गौर करें तो वास्तव में हम हिंदी भाषा नए महारत हासिल कर सकते हैं और हिंदी भाषा को माध्यम बनाकर जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। हिंदी भाषा के जरिए हम कई रोजगार कर सकते हैं और किसी पर निर्भर न रहे आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के मकसद को आगे बढ़ा सकते हैं।

 आज के समय में हम देखते हैं कि आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश का सपना हिंदी भाषा के जरिए सच होना शुरू हो गया है। आज से कुछ समय पहले हिंदी भाषा के कंटेंट आपको इंटरनेट पर भी देखने को नहीं मिलते थे लेकिन आजकल हिंदी भाषा से संबंधित गूगल में देखने को मिलते हैं हिंदी भाषा के वीडियो आपको यूट्यूब चैनल पर देखने को मिलते हैं। हजारों लाखों लोग अपने ब्लॉग या हिंदी के इन यूट्यूब चैनलों से अच्छी कमाई करने लगे हैं हिंदी भाषा को बढ़ावा देने में आज के इंटरनेट का काफी योगदान है।

 आजकल भारत में सबसे ज्यादा लोकप्रिय युटुब चैनल या ब्लॉग हिंदी के ही होते हैं आज के नवयुवक समझने लगे हैं हिंदी भाषा की वजह से हम अपने मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बना सकते हैं। आज के समय में सरकार भी हिंदी भाषा को काफी बढ़ावा दे रही है क्योंकि सरकार भी समझने लगी है आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश तभी बन सकेगा जब हम हिंदी भाषा को बढ़ावा देंगे।

उपसंहार - हम सभी को समझना चाहिए कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का सपना हिंदी भाषा को बढ़ावा देने से ही हो सकता है हमें बताएं कि हमारा यह आर्टिकल आपको कैसा लगा  धन्यवाद।

Monday, 9 January 2023

आत्मनिर्भर भारत में महिलाओं की भूमिका पर निबंध

आत्मनिर्भर भारत में महिलाओं की भूमिका पर निबंध 

दोस्तों नमस्कार आत्मनिर्भर भारत में महिलाओं की काफी ज्यादा उम्र का है इस पर आज हम एक निबंध लिखने वाले हैं आप इसे पढ़ें, समझे और इससे अपनी परीक्षाओं की तैयारी करें।


प्रस्तावना - आज के समय में आत्मनिर्भर भारत बनाने में महिलाओं की विशेष रूप से भूमिका होती है महिलाएं आज के समय में आत्मनिर्भर बन चुकी हैं वह किसी पर भी निर्भर नहीं रहती हैं। निर्भर होंगे तभी आत्मनिर्भर भारत होगा।

आत्मनिर्भर भारत में महिलाओं की भूमिका - आज के समय में हम देखते हैं कि महिलाएं देश में काफी आगे बढ़ रही हैं महिला और पुरुष का भेदभाव काफी हद तक दूर हो चुका है। आज हम देखे तो महिलाएं हर एक क्षेत्र में पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं हम किसी भी क्षेत्र में देखें तो महिलाएं पीछे नहीं है चाहे क्षेत्र शिक्षा का हो या चिकित्सा का। चाहे किसी भी उच्च पद का क्षेत्र वह क्यों ना हो महिलाएं हर एक क्षेत्र में आगे बढ़ती जा रही हैं और अपने देश को आत्मनिर्भर बनाती जा रही है।

 आज के समय में हम देखते हैं की महिलाएं बड़े बड़े बिजनेस भी करने लगी हैं, बड़ी-बड़ी नौकरियां भी करने लगी हैं वह किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से बिल्कुल भी कम नहीं हैं इससे हम समझ सकते हैं कि महिलाओं में भी पुरुषों के समान काबिलियत होती है।

 अगर वह दिल और दिमाग से किसी भी क्षेत्र में कार्य करती हैं तो वह वास्तव में आगे बढ़ सकती हैं। हमारा भारत देश पूरी तरह से आत्मनिर्भर तभी बन सकेगा जब महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी क्योंकि हम आज कल देखते हैं कि पुरुष महिलाओं पर कई तरह के अत्याचार करते हैं जिस वजह से समाज में कई तरह की परेशानियां जन्म लेती हैं लेकिन यदि महिलाएं आत्मनिर्भर हो तो पुरुषों का साहस नहीं होगा कि वह महिलाओं पर अत्याचार करें।

 आज के समय में महिलाएं अपने घर के खर्चे को पुरुषों के साथ मिलजुल कर चलाती हैं महिलाएं घर बैठे भी कई तरह के बिजनेस करके पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलती हैं और आत्मनिर्भर बनती है। महिलाएं किसी भी चीज में पुरुषों से कम नहीं है।

 आज के इस आधुनिक युग में कई महिलाएं शिक्षिका भी हैं जो बच्चों एवं बच्चियों को आत्मनिर्भर बनने का ज्ञान देती है बड़ी बड़ी आईटी कंपनियों में भी महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। ऑनलाइन के क्षेत्र में भी महिलाएं कम नहीं है वह सारे ऑनलाइन बिजनेस जैसे कि ब्लॉगर, youtuber पे भी महिलाएं काम करती हैं वह किसी पर निर्भर नहीं है।

 विवाह से पहले ही कई सारी महिलाएं आत्मनिर्भर बन जाती हैं पहले के समय में महिलाओं को बढ़ाना जरूरी नहीं समझा जाता था लेकिन आज के समय में महिलाओं को पढ़ाना और ज्यादा जरूरी समझा जाने लगा है और हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ती जा रही हैं। नेटवर्क मार्केटिंग जैसे इस आधुनिक बिजनेस में भी महिलाएं पीछे नहीं हैं दुनिया में सबसे ज्यादा महिलाएं नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस को कर रही हैं और आगे बढ़ रही हैं।

 आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार समझ सकते हैं जब भारत के ज्यादातर महिलाएं एवं पुरुष आत्मनिर्भर बने और आज के समय में ज्यादातर महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं इसलिए हम कह सकते हैं आत्मनिर्भर भारत बनने में महिलाओं का काफी ज्यादा योगदान होता है।

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Friday, 30 December 2022

अगर मुंबई की स्थानीय ट्रेन रुक जाती है essay in Hindi

अगर मुंबई की स्थानीय ट्रेन रुक जाती है essay in Hindi 

दोस्तों नमस्कार आज हम आपके लिए लाए हैं अगर मुंबई की स्थानीय ट्रेन रुक जाती है पर निबंध आप इस आर्टिकल को जरूर पढ़ें तो चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे इस आर्टिकल को

मुंबई की स्थानीय ट्रेन यानी लोकल ट्रेन मुंबई के लोगों के लिए या घूमने वाले लोगों के लिए काफी सुविधाजनक होती है। इससे कई सारे लाभ होते हैं कम किराए के साथ में मुंबई की अलग-अलग जगहों पर घूमने का आनंद हम मुंबई स्थानीय ट्रेनों के द्वारा ले सकते हैं।

 मुंबई कि स्थानीय ट्रेनों के कई सारे फायदे हैं दरअसल मुंबई में बहुत सारी आबादी है मुंबई में कई तरह तरह के वाहन हैं जैसे की बस, टैक्सी, ऑटो, रिक्शा आदि जिनके जरिए हम मुंबई की स्थानीय यात्रा कर सकते हैं।

 लेकिन मुंबई में घूमने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जिस वजह से उपर्युक्त बताए हुए साधनों के अलावा अन्य साधनों की जरूरत पड़ती है। स्थानीय ट्रेन इन साधनों की कमी पूरी करती है स्थानीय ट्रेनों की वजह से लोग मुंबई में कम कराएं में घूम सकते हैं और भ्रमण करने का लुफ्त उठा सकते हैं।

अगर मुंबई की स्थानीय ट्रेन रुक जाए तो वास्तव में मुंबई ही रुक जाएगी क्योंकि मुंबई में काफी सारे लोग हैं जिनको अपने कार्यों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ता है टैक्सी, बस, रिक्शा इत्यादि से यह सब पूरा नहीं हो पाता इसलिए स्थानीय ट्रेनों की जरूरत पड़ती है यदि स्थानीय ट्रेन बंद हो जाए तो लोगों की यह सभी कार्यों पर काफी ज्यादा प्रभाव पड़ेगा।

 एक तरह से देखें तो हम लोगों का कार्य बंद भी हो सकता है इसलिए मुंबई की स्थानीय ट्रेनों की एक महत्वपूर्ण भूमिका है जो लोग मुंबई यात्रा के लिए आते हैं उनके लिए स्थानीय वाहन कम किराए में काफी सुविधाजनक होती हैं लेकिन यदि स्थानीय ट्रेन बंद हो जाएं तो काफी मुश्किल होगा क्योंकि ट्रेनों के बगैर स्थानीय कई अन्य साधनों का किराया काफी अधिक होता है लोगों को काफी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ेगा क्योंकि ट्रेनों के अलावा अन्य साधन की कमी पड़ जाएंगी इसलिए लोगों को काफी ज्यादा परेशानी होगी एक तरह से देखें तो मुंबई पूरी तरह से थम जाएगी।

वास्तव में मुंबई स्थानीय ट्रेनों के बगैर अधूरी है मुंबई की स्थानीय ट्रेन बहुत ही महत्वपूर्ण है।

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Thursday, 29 December 2022

आजकल के समय में मेरे माता-पिता के विचार essay in Hindi

आजकल के समय में मेरे माता-पिता के विचार essay in Hindi 

दोस्तों नमस्कार आज हमारे इस आर्टिकल में हम पढ़ेंगे आजकल के समय में मेरे माता-पिता के विचार पर निबंध तो चलिए आज के हमारे इस बेहतरीन आर्टिकल को पढ़ते हैं।


आज के इस आधुनिक युग में प्रत्येक माता-पिता की अपनी अलग सोच होती है मेरे माता पिता के आजकल के समय में कुछ बहुत ही अच्छे विचार हैं। मेरे माता-पिता का मानना है कि जीवन में मेरे बच्चे जो भी करें पूर्णता ईमानदारी से करें क्योंकि ईमानदारी से किया हुआ कार्य हमेशा सफल होता है भले ही उस कार्य में थोड़ी बहुत परेशानी आए उससे वह कार्य लंबे समय तक चलता है लेकिन इसके विपरीत यदि जीवन में आप बेईमानी से आगे बढ़ना चाहते हैं तो सफलता कुछी समय की होती है।

मेरे माता पिता का कहना है की तुम हमेशा एहसानमंद को दुनिया में कई सारे लोग ऐसे होते हैं जो दूसरों पर एहसान करते हैं लेकिन दूसरे उन एहसानों को भूल जाते हैं और उस एहसान का कर्ज कभी नहीं चुकाते बल्कि बुरे वक्त पर उस सामने वाले व्यक्ति की मदद भी नहीं करते और उसे बुरा भला कहते हैं। तुम्हें जीवन में हमेशा एहसानमंद होना चाहिए जिस व्यक्ति ने जरूरत पड़ने पर तुम पर एहसान किया है उसकी हर परिस्थिति में मदद करना तुम्हारा कर्तव्य है।

नौकरी और बिजनेस से संबंधित मेरे माता-पिता का सुझाव है कि जीवन में कुछ भी करो, कुछ बड़ा करो क्योंकि आज के समय में महंगाई चारों ओर देखने को मिलती है यदि आप बड़ा सोचोगे तो आपके साथ बड़ा जरूर होगा इसलिए दूरदर्शी दृष्टि रखते हुए जीवन में हमेशा आगे बढ़ो।

मेरे माता-पिता के विचार हैं कि हमें अपने कर्तव्यों का पालन जरूर करना चाहिए हमें अपने बच्चों के प्रति, अपने माता-पिता के प्रति, बड़े भाई छोटे भाइयों के प्रति जो भी कर्तव्य हैं वह पूर्णता ईमानदारी से निभाना चाहिए जो व्यक्ति पूरी इमानदारी से इन कर्तव्यों को निभाता है वह जीवन में आगे बढ़ता है।

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Thursday, 8 December 2022

माता-पिता की सेवा पर निबंध mata pita ki seva par nibandh

 माता-पिता की सेवा पर निबंध 

दोस्तों नमस्कार आज हम आपके लिए लाए हैं माता-पिता की सेवा पर हमारे द्वारा लिखित यह आर्टिकल आप से जरूर पढ़ें। चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे इस बेहतरीन आर्टिकल को।


प्रस्तावना - माता-पिता की सेवा करना ईश्वर की सेवा करने के समान है क्योंकि माता पिता ईश्वर के समान ही होते हैं जो व्यक्ति जीवन भर अपने माता-पिता की सेवा करता है। ईश्वर हमेशा उस व्यक्ति से खुश रहता हैै माता पिता की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है एवं कर्तव्य भी है।

आज के लोग माता पिता की सेवा करना पसंद क्यों नहीं करते

आज के समय में ज्यादातर व्यक्तियों को हम देखते हैं कि वह वृद्धावस्था में अपने माता-पिता की सेवा करना पसंद नहीं करते कई व्यक्ति तो ऐसे होते हैं जो उन्हें घर से बाहर निकाल देते हैं या उन्हें वृद्धा आश्रम में भेज देते हैं। दरअसल आज की संस्कृति बदलती जा रही है आज के समय में लोग आधुनिक होते जा रहे हैं और अपने संस्कारों से दूर होते जा रहे हैं।

 लोग भले ही कितने ही पढ़े-लिखे क्यों ना हो लेकिन जो ज्ञान उन्हें होना चाहिए वह ज्ञान नहीं हो पाता वह माता-पिता के प्रति अपने कर्तव्य को निभाने से परहेज करने लगते हैं। दरअसल ऐसा सब कुछ उनके संस्कारों की वजह से होता है उनकी गलत संगति की वजह से होता है। यदि बच्चे अपने माता-पिता के एहसानों को माने तो वह अपने माता पिता की सेवा जरूर करते हैं लेकिन आज के समय में कई लोग एहसानमंद नहीं होते कई लोग स्वेच्छा से माता पिता की सेवा नहीं करना चाहते तो कई लोग दूसरों के बहकावे में आकर माता पिता की सेवा नहीं करते यह बिल्कुल भी सही नहीं है।

 कई लोगों को यह चाहिए होता है कि उन्हें कोई रोकने ठोकने वाला ना हो दरअसल यदि हम अपने बड़े बुजुर्गों के साथ रहते हैं तो हमारा कर्तव्य होता है कि हम किसी भी कार्य के लिए अपने माता-पिता की सलाह जरूर लें उनसे सलाह, मशवरा जरूर करें उनकी आज्ञा का पालन करें लेकिन आज के समय में महिला एवं पुरुषों दोनों को ज्यादातर किसी बंधन में बंदना पसंद नहीं होता उन्हें ऐसा लगता है कि उनकी आजादी उनसे छीन ली जा रही है लेकिन वास्तव में वह गलत होते हैं उनकी आजादी नहीं छीन रही होती बल्कि वह आने वाली मुसीबतों को अपनी ओर बढ़ाते जाते हैं।

 दरअसल हम सब को समझना चाहिए कि माता-पिता हमारे जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं यदि हमारे माता-पिता रहते हैं तो हम कई सारी मुसीबतों को आने से पहले ही रोक सकते हैं एवं बुरी परिस्थिति में उनका सहयोग प्रदान कर सकते हैं। यदि हम अकेले ही रहते हैं, उनको छोड़कर कहीं चले जाते हैं, उन्हें वृद्ध आश्रम में दाखिला दिलवा देते हैं तो हम अकेले रह जाते हैं और हमारे बच्चों की देखभाल भी ठीक तरह से नहीं होती। इस तरह से हमारा परिवार धीरे-धीरे और भी बिखरता जाता है इसलिए हमें चाहिए कि हम माता-पिता की सेवा करें।

माता पिता की सेवा क्यों करें 

माता पिता की सेवा हमें इसलिए करना चाहिए क्योंकि माता पिता के प्रति हमारा कर्तव्य है कि हम उनकी सेवा करें। माता पिता अपने बच्चे को शुरू से ही पालते हैं उसकी देखे करते हैं  अपना कर्तव्य पूरी तरह से निभाते हैं लेकिन यदि वह बच्चा माता पिता की सेवा वृद्ध अवस्था में नहीं करता तो यह इंसानियत के खिलाफ है। माता-पिता का एक बच्चे पर एहसान होता है यदि वह एहसान एक बच्चा नहीं चुकाता तो एक तरह से वह पाप का भागीदार होता है माता-पिता का रण बच्चे पर होता है और उसे जरूर चुकाना चाहिए।

माता पिता के प्रति अपने कर्तव्य का पालन या सेवा कैसे करें

 हमें चाहिए कि हम माता पिता की सेवा सही ढंग से करें और अपने कर्तव्य का पालन करें। दरअसल हमें उनकी वृद्धावस्था में विशेष रूप से सेवा करनी चाहिए यही हमारा कर्तव्य है। हमें चाहिए कि हम उनके खाने-पीने का विशेष ध्यान रखें और उनकी सेहत का भी ख्याल रखें।

 हमें चाहिए कि हम अपने कर्तव्यों को निभाये। हमें चाहिए कि हम उनकी बातों को माने, घर में किसी भी कार्य के बारे में उन्हें भी बताएं या कुछ भी निर्णय लेने से पहले उनसे सलाह मशवरा जरूर करें क्योंकि बुजुर्ग घर के मुखिया होते हैं और मुखिया से सलाह मशवरा लेना बहुत जरूरी होता है। जिस घर में ऐसा नहीं होता वह घर सुख शांति से नहीं रह पाता। हमें चाहिए कि हम उनसे प्रेम पूर्वक वार्तालाप करें उनके द्वारा बताई हुई बातों का अनुसरण करें जरूरत पड़ने पर उनकी हर तरह से सेवर करें।



Wednesday, 7 December 2022

मैंने देखा हुआ प्राकृतिक स्थल हिंदी निबंध maine dekha hua prakritik sthal in hindi

 मैंने देखा हुआ प्राकृतिक स्थल हिंदी निबंध 

दोस्तों नमस्कार आज हम आपके लिए लाए हैं मेरा लिखा हुआ एक बहुत ही बेहतरीन प्राकृतिक स्थल पर आर्टिकल इस आर्टिकल को आप जरूर पढ़ें क्योंकि इस आर्टिकल में मैंने उस प्राकृतिक स्थल के बारे में लिखा है। तो चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे इस आर्टिकल को।


मैं कई जगह घूमना चाहता था दरअसल कई धार्मिक स्थलों, कई अन्य पर्यटक स्थलों, प्राकृतिक स्थलों आदि पर घूमने में मुझे काफी आनंद महसूस होता है। मेरे शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर एक प्राकृतिक स्थल है बजरंगगढ़। बजरंगगढ़ वैसे तो मैं कई बार घूमने गया हूं लेकिन वहां के जो देखने योग्य प्राकृतिक स्थल है वहां पर मैं कभी भी नहीं गया था एक दिन मैं पहली बार बजरंगढ़ अपने एक दोस्त के साथ गया हुआ था उन्होंने मुझसे कहा कि बजरंगगढ़ का किला बहुत ही बेहतरीन है।

बजरंगगढ़ का किला एक ऐसा प्राकृतिक स्थल है जिसे जरूर देखना चाहिए दूर-दूर से कई सारे लोग इस किले को देखने के लिए आते हैं क्योंकि यह किला कहीं राजा महाराजाओं ने बनवाया था। यह काफी प्रसिद्ध है मेरे दोस्त की बात सुनकर मैं बजरंगगढ़ के किले की ओर जाने के लिए काफी उत्साह महसूस कर रहा था तभी मैंने उससे कहा कि चलो आज बजरंग गढ़ के किले में घूमने चलते हैं।

 जैसे ही हम बजरंग गढ़ के किले के नजदीक पहुंचे हमने देखा कि चारों ओर विशालकाय ईमारते हैं जो काफी मजबूत भी है। चारों ओर जंगल जैसा इलाका दिखाई दे रहा था हम उस किले मे आगे बढ़ते गए तो सबसे पहले हम वहीं पास में अपनी मोटरसाइकिल रखकर थोड़े आगे बढ़े तो वहां पर हमें श्री हनुमान जी का मंदिर दिखाई दिया। हमने वहां पर हनुमान जी महाराज के दर्शन किए और फिर हमने मंदिर के चारों ओर का वातावरण देखा। चारों और कई तरह के पेड़ पौधे लगे हुए थे, कई तरह के रंग बिरंगे फूल खिले हुए थे मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि वास्तव में ऐसे स्थान पर रोज घूमने के लिए आना चाहिए।

 मैं अपने दोस्त के साथ आगे बढ़ा तो मैंने देखा की राजा महाराजाओं के पुराने रहने की जगह, कई तरह के जगह, कई गुफाएं आदि वहां पर स्थित थी। कई सारे पेड़ पौधे वहां पर हमें नजर आए। कई पक्षी हमें वहां पर चाहते नजर आए जिन्हें देखकर हमें काफी खुशी का अनुभव हुआ। हम धीरे-धीरे आगे बढ़ते जा रहे थे तो आगे हमने देखा कि एक सुंदर सा गार्डन बना हुआ था जो शायद कुछ सालों पहले ही बनाया हुआ होगा उस गार्डन की सुंदरता देखकर मैं काफी खुश हुआ क्योंकि हमारे शहर में भी मैंने ऐसा गार्डन आज तक नहीं देखा था।

उस गार्डन में चारों ओर कई तरह के पेड़ पौधे, रंग बिरंगी फूल खिले हुए थे और जब हम उस गार्डन में आगे बढ़े तो हमें कई जगह पानी भरा हुआ दिखा जिसमें मछलियां तैर रही थी हम दोनों मछलियों को कुछ खाने के लिए वहां से ही लाए हुए थे हमने मछलियों को वह डाल दिया और मछलियां वह खाने लगी।

वास्तव में मुझे मछलियों को खाना खिलाते समय ऐसा अनुभव हो रहा था कि मैं प्रकृति के काफी करीब आ गया हूं हमारे शहर में मैंने कभी भी ऐसा वातावरण नहीं देखा था क्योंकि हमारे शहर में चारों ओर घर ही घर बने हुए हैं कई जगह पहले जहां पेड़ पौधे लगे थे वहां पर आज पेड़ पौधे भी नजर नहीं आते लेकिन बजरंगगढ़ के इस किले में पहुंचकर मैंने अनुभव किया कि वास्तव में प्रकृति के काफी करीब आ गया हूं।

 मुझे काफी ज्यादा प्रसन्नता भी हुई और कुछ समय बाद हम वहां पर घूमते हुए कई ऐसी जगह पर भी पहुंचे जहां पर अंधेरा ही अंधेरा था हमें अकेले जाने में डर सा लग रहा था वहां पर हमने जब नीचे देखा तो चारों ओर पेड़-पौधे ही पेड़-पौधे नजर आ रहा रहे थे। यह सब नजारा देखकर हम दोनों को ही काफी प्रसन्नता हुई मैंने अपने दोस्त से कहा कि हम जल्द से जल्द अगली बार भी यहां पर घूमने आएंगे वास्तव में प्राकृतिक स्थल पर घूमने का आनंद ही कुछ अलग होता है।

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