Sunday 7 July 2024

जल बचाओ जीवन बचाओ पर निबंध Jal bachao jeevan bachao nibandh

Jal bachao jeevan bachao nibandh 

दोस्तों नमस्कार कैसे हैं आप सभी, आज हम आपके लिए लाए हैं जल बचाओ जीवन बचाओ पर हमारे द्वारा लिखित निबंध आप इसे जरूर पढ़ें तो चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे इस निबंध को 

प्रस्तावना 

जल हमारा जीवन है, हमें व्यर्थ में जल नहीं बहाना चाहिए क्योंकि जल के जरिए ही हमारे सारे कार्य होते हैं। जल के बिना मनुष्य, जीव जंतु, पेड़ पौधों किसी का भी अस्तित्व नहीं होगा। जल हमारे शरीर को शीतलता प्रदान करता है और प्रकृति के द्वारा प्राप्त हमें सबसे बड़ा उपहार है।

जल बचाओ जीवन बचाओ 

आज के समय में हम देखते हैं कि मनुष्य ने प्रकृति के द्वारा दिए गए उपहार का गलत उपयोग करना शुरू कर दिया है चाहे वह पर्यावरण संतुलन की बात हो, चाहे वह प्रदूषित या वातावरण की बात हो, चाहे वह पेड़ पौधों की बात हो और चाहे वह जल की बात हो।

आज के समय में हमें प्रकृति के द्वारा भरपूर जल प्राप्त है जिसके जरिए हम अपने दैनिक जीवन के कार्यों को करते हैं। जल के जरिए हम नहाते हैं, अपने कपड़े धोते हैं और जल पीकर अपने शरीर को शीतलता प्रदान करते हैं लेकिन मनुष्य को लगता है की जल हमारे लिए मुफ्त में ही है इसलिए इसका जरूरत से ज्यादा उपयोग या दुरुपयोग करना करने से कुछ नहीं होगा, इस तरह की सोच की वजह से आज के समय में कई समस्यायें देखने को मिल रही है।

आज के समय में हम देखते हैं की जल का दुरुपयोग की वजह से आज प्रकृति कई जगह पर अपना प्रकोप दिखा रही है, कई जगह पर गर्मियों के मौसम में जल संकट खड़ा हो जाता है जिस वजह से वहां के निवासियों को कई सारी समस्याओं को सामना करना पड़ता है, वहां के निवासियों को कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है या उन्हें काफी अशुद्ध जल की वजह से परेशानी झेलना पड़ती है क्योंकि हम जब जल भरपूर था तब उसका सदुपयोग नहीं कर रहे थे।

हमारे पास जो भी होता है हम उसका दुरुपयोग करना शुरू कर देते हैं, हमें जल को बचाना चाहिए। हमें चाहिए कि हम जल का केवल जरूरत पड़ने पर उपयोग करें, जल को व्यर्थ में ना बहाने दें। यदि कोई जल का दुरुपयोग करता है तो उसे भी जल का सदुपयोग करना सिखाए जल बचाना सिखाएं क्योंकि हम सभी को सोने की जरूरत है कि जल के बगैर हमारा अस्तित्व संभव ही नहीं है जल बचाओ जीवन बचाओ

उपसंहार 

जल जीवन के लिए काफी महत्वपूर्ण है इसके बगैर जीवन संभव नहीं है। वास्तव में हम सभी को जल के महत्व को समझकर जल बचाओ अभियान चलाना चाहिए जिससे आने वाले समय में हम जल संकट से बच सकें।

दोस्तों हमारे द्वारा लिखा ये आर्टिकल आपको कैसा लगा हमें बताएं और हमें सब्सक्राइब भी करें जिससे इस तरह के बेहतरीन आर्टिकल हम आपके लिए लिख सकें।

Monday 1 July 2024

बढ़ते हुए फैशन का दुष्प्रभाव पर निबंध Badhte hue fashion ka dushprabhav par nibandh

बढ़ते हुए फैशन का दुष्प्रभाव पर निबंध 

दोस्तों नमस्कार कैसे हैं आप सभी, दोस्तों आज हम आपके लिए लाए हैं बढ़ते हुए फैशन का दुष्प्रभाव पर निबंध तो दोस्तों चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे इस आर्टिकल को 

प्रस्तावना 

आज के समय में नए-नए फैशन हमें देखने को मिलते हैं, समय के साथ नया फैशन होना अच्छी बात हो सकती है लेकिन जरूरत से ज्यादा फैशन काफी हानिकारक हो सकता है, इससे हमारे सामाजिक जीवन पर काफी दुष्प्रभाव होता है।

फैशन का नया दौर

आज के समय में फैशन लगातार बदलते रहते हैं, नए-नए फैशन को देखकर लगता है कि यह केवल फैशन की दुनिया है। आज के समय में फैशन युवक युवतियों पर ऐसा हावी होता जा रहा है कि चाहे वह बेरोजगार हो, चाहे घर का खर्चा सही तरह से ना चल रहा हो लेकिन फैशन उनके लिए काफी महत्व रखता है।

वह हर हालत में नए-नए फैशन अपनाना चाहते हैं, नई नई वेशभूषा, नई तरह की मेकअप उनके लिए काफी लुहाभने होते हैं, फैशन का यह नया दौर हमारे समाज पर काफी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। 

आज के समय में युवतियों के जरूरत से ज्यादा छोटे कपड़े समाज पर काफी बुरा असर डालते है इसके अलावा जरूरत से ज्यादा मेकअप काफी बुरा हो सकता है।

आज के समय में यह फैशन का नया दौर चारों ओर देखने को मिलता है। दरहसल आज के समय में सिनेमाघर एवं टेलीविजन के जरिए लोगों की मानसिक स्थिति बदल गई है वह उनमें दिखाए हर एक फैशन को अपनाना चाहते हैं जिससे उनके सामाजिक जीवन पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है।

बढ़ते हुए फैशन का दुष्प्रभाव

जैसे कि आज हम देखते हैं की फैशन के नए दौर में दिन प्रतिदिन नए-नए फैशन आते रहते हैं, समय के साथ बदलना कोई बड़ी बात नहीं है या समय के साथ नया फैशन अपनाना कोई बुरी बात नहीं है लेकिन आज के समय में ऐसे ऐसे फैशन समय के साथ हमें देखने को मिलते हैं जिससे समाज में एक बुराई जन्म लेती है।

आज के समय में हम देखते हैं कि टेलीविजन एवं सिनेमाघर में दिखाए गए कई विज्ञापन एवं मूवीज में हीरोइन काम्मोतेजक कपड़े पहनती है जिससे समाज पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है, टेलीविजन और सिनेमाघर को तो इसके पैसे मिलते हैं लेकिन समाज में इसकी वजह से कई समस्याएं जन्म लेती हैं।

नए फैशन को अपनाने की होड़ लोगों में ऐसी लगी है कि चाहे घर में बेरोजगारी हो, खाने के पैसे ना हो फिर भी नए-नए फैशन के लिए महिला या पुरुष झगड़ा करते हैं। 

फैशन में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ सी लग जाती है नए-नए फैशन की वजह से मिडिल क्लास लोगों की आर्थिक स्थिति और भी कमजोर होती जाती है क्योंकि परिवार की कई युवतियां एवं युवक फैशन के लिए बहुत सा धन खर्च करते हैं, यहां तक की फैशन की वजह से परिवार में झगड़ा भी हो जाता।

नए-नए अश्लील फैशन की वजह से समाज पर विपरीत प्रभाव पड़ता है इसलिए समय के साथ हमें जरूर बदलना चाहिए, नए फैशन जरूर अपनाने चाहिए लेकिन ऐसे फैशन जो समाज के लिए काफी हानिकारक है उनसे दूर ही रहना चाहिए।

ऐसे कई महंगे फैशनों से बचना चाहिए जिससे केवल हमारी जेब कटती है और फैशन के नाम पर केवल फुहड़ता होती है।

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Friday 28 June 2024

धरती हमारी नहीं हम धरती के हैं पर निबंध Dharti hamari nahi hum dharti ke hai nibandh

Dharti hamari nahi hum dharti ke hai nibandh

दोस्तों नमस्कार, आज हम आपके लिए लाए हैं धरती हमारी नहीं हम धरती के हैं पर निबंध आप इसे जरूर पढ़ें तो चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे इस निबंध को 

प्रस्तावना 

धरती प्रकृति की एक ऐसी धरोहर है जो मनुष्य, जीव जंतुओं सभी के लिए काफी महत्वपूर्ण है, हम इस धरती के पुत्र हैं। हमारा कर्तव्य है कि हम धरती को किसी भी तरह से नुकसान ना पहुंचाएं, उसकी सेवा करें और अपने हर कर्तव्य को निभाएं।

धरती हमारी नहीं हम धरती के हैं

आज के इस आधुनिक युग में मनुष्य आगे बढ़ता चला जा रहा है बढ़ते युग में मनुष्य अपने निजी फायदे के लिए अपनी धरती माता को कई तरह से नुकसान पहुंचता है। 

कभी वह धरती पर उगने वाले पेड़ पौधों की अंधाधुंध कटाई करता है तो कभी धरती में अनावश्यक पदार्थ जैसे कि पॉलीथिन आदि को डालकर प्रदूषित कर देता है तो कभी कई तरह के हानिकारक रासायनिक कीटनाशक पदार्थ डालकर मृदा में उपस्थित कई आवश्यक जीव जंतुओं को नष्ट कर देता है यह सही नहीं है।

यदि हम धरती पर हमारा सर्वस्व अधिकार समझते हैं और भूमि को प्रदूषित करते हैं तो यह गलत है। धरती हमारी नहीं बल्कि हम धरती के हैं। 

धरती मां ने हमको सब कुछ दिया है, धरती मां ने हमें रहने के लिए घर बनाने के लिए जगह दी है, हमें जल दिया है, हमें पेड़ पौधे फल फूल दिए हैं एवं कई हमारी जरूरत की चीजे धरती मां ने हमें उपलब्ध करवाई हैं लेकिन यदि हम अपने निजी फायदे के लिए धरती मां को नुकसान पहुंचाते हैं तो यह बिल्कुल गलत है।

हमें जीवन में बदलाव लाने की जरूरत है, धरती पर उपस्थित प्रकृति के कई महत्वपूर्ण संसाधनों का सही तरह से उपयोग करने की जरूरत है जिससे जीवन में आने वाले समय में हमें परेशानियों का सामना न करना पड़े।

आज के समय में हम देखते हैं कि कई जगह भूकंप आता है तो कई प्राकृतिक आपदाएं आती हैं, यह कहीं ना कहीं हमारे द्वारा किए गए क्रियाकलापों का ही नतीजा है।

हमें सजग रहने की जरूरत है जिससे आने वाले भविष्य को हम सुरक्षित रख सकते हैं।

उपसंहार 

वास्तव में हमें धरती को अपनी धरती मां का दर्जा देना चाहिए और उन्हें किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए क्योंकि धरती हमारी नहीं बल्कि हम धरती के हैं।

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Saturday 22 June 2024

मेरे सपनों का घर पर निबंध Mere sapno ka ghar essay in hindi

Mere sapno ka ghar essay in hindi 

दोस्तों नमस्कार कैसे हैं आप सभी, दोस्तों आज के हमारे इस आर्टिकल मेरे सपनों का घर पर निबंध में हम पढ़ने वाले हैं मेरे सपनों का घर पर मेरे खुद की सोच पर लिखा यह आर्टिकल, आप इसे जरूर पढ़ें और अपने दोस्तों में शेयर करें तो चलिए पढ़ते हैं मेरे स्वयं के सपनों का घर पर मेरे द्वारा लिखित यह निबंध

हर किसी का एक सपनों का घर होता है मेरा भी सपनों का घर है जो मेरे लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। मेरा सपनों का घर एक बहुत बड़ा घर होगा जिसमें कई कमरे होंगे जिसमें हम हमारे पूरे परिवार के साथ मिलजुलकर रह सकेंगे।

मेरे सपनों के घर में मेरे मम्मी पापा, दादा दादी, मेरे भाई बहन सभी मिलजुलकर रहेंगे, हममें किसी प्रकार का द्वेष भाव नहीं होगा। आज के समय में हम देखते हैं कि भाइयों भाइयों के बीच में हमेशा जमीन जायदाद की वजह से झगड़ा होता रहता है लेकिन हममें किसी भी प्रकार का झगड़ा नहीं होगा, हम दोनों भाई बड़े ही मिलजुल कर बड़े ही प्यार से रहेंगे।

मेरे सपनों के घर में हमारे ऊपर के फ्लोर में मेरे बड़े भाई सहित मेरे दादा दादी रहेंगे, ऊपर भी चार बड़े बेहतरीन कमरे होंगे इसके अलावा मेहमानों की बैठक के लिए एक बड़ा सा कैमरा यानी गेस्ट रूम होगा।

पास में ही एक पूजा इत्यादि करने के लिए एक बड़ा सा कमरा होगा इसके अलावा नीचे के फ्लोर में मेरे साथ मेरे माता-पिता भी रहेंगे, नीचे भी हमारा एक गेस्ट रूम होगा जिसमें हम हमारे मेहमानों को बिठा सकेंगे। 

इसके अलावा पास के हॉल में मेरी कार रखने के लिए विशेष जगह होगी वास्तव में मेरा यह सपनों का घर मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा जिसमें मैं, मेरे मम्मी पापा, दादा दादी, भाई बहन सभी मिलजुलकर बड़े प्यार से रहेंगे।

मेरे घर के बाहर एक बड़ा सा बगीचा होगा जिसमें हम कभी फ्री टाइम में या विशेषकर गर्मियों के समय में शाम को टहलने के लिए आ सकेंगे, बच्चों को जब भी पढ़ाई करना होगी तो वह पेड़ों के नीचे हरियाली में बैठकर पढ़ाई कर सकेंगै।

सुबह के टाइम हमारे घर के बगीचे में ही हम योगाभ्यास कर सकेंगे और हरी हरी घास में हम नंगे पैर चल सकेंगे जिससे हमें कई तरह का आराम मिलेगा। हम सुबह शाम योगाभ्यास और एक्सरसाइज, व्यायाम आदि बगीचे में कर पाएंगे वास्तव में मेरा यह सपनों का घर मेरे लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है।

मेरी हमेशा से ही मेरे इस तरह के सपनों के घर की मेरे मन में कामना रही है। मैं इसे जरूर ही पूरा करना चाहूंगा। दोस्तों मेरे द्वारा लिखा यह आर्टिकल Mere sapno ka ghar essay in hindi आप अपने दोस्तों में शेयर करें और हमें सब्सक्राइब करें धन्यवाद।

Monday 17 June 2024

कुसंगति पर निबंध Kusangati par nibandh

Kusangati par nibandh 

दोस्तों नमस्कार कैसे हैं आप सभी, दोस्तों आज के हमारे आर्टिकल में हम पढ़ने वाले हैं कुसंगति पर निबंध तो चलिए पढ़ते हैं कुसंगति पर हमारे द्वारा लिखित यह निबंध 

प्रस्तावना 

हमारे जीवन में संगति का बहुत ज्यादा असर होता है। यदि हम अपने जीवन में कुसंगति करते हैं तो वास्तव में हमारे जीवन में अच्छा कुछ नहीं होता, हमारे जीवन में कई सारी परेशानियां का सामना हमें करना पड़ता है।

कुसंगति का प्रभाव 

कहते हैं की जैसी संगत वैसी रंगत। हम अपने जीवन में जैसी संगत रखते हैं हमारा जीवन वैसा ही बदलता जाता है। यदि हम अच्छे लोगों की संगत रखते हैं तो हमारे जीवन में अच्छे बदलाव आते हैं वहीं दूसरी ओर यदि हम बुरे लोगों की कुसंगति करते हैं तो हमारा जीवन उन्हीं की तरह बदलता जाता है, जीवन में लगातार बुरा होता जाता है।

कुसंगति की वजह से हम अनेतिक कार्य करने लगते हैं, कुसंगती की वजह से हम गलत राह पर चल पड़ते हैं और जीवन में कई परेशानियों का सामना हमें करना पड़ता है।

कुसंगति की वजह से हमें जीवन में भले ही ऐसा लगता हो की हमारा अच्छा ही अच्छा है लेकिन वास्तव में अंत में हमें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है इसलिए कुसंगति से हमेशा दूर रहना चाहिए, हमेशा से संगती अच्छी करना चाहिए।

कुसंगति का हमारे जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है, कुसंगति की वजह से हर कोई हमारी बुराई करता है। भले ही कोई हमारे मुंह पर बुराई ना करता हो लेकिन हमारे पीठ पीछे हर कोई हमारी बुराई करता है।

यहां तक कि हमारे अपने करीबी भी हमारा साथ नहीं देते और हम कुसंगति की वजह से जीवन को बर्बादी की ओर ले चलते हैं। 

उपसंहार 

वास्तव में कुसंगति का हमारे जीवन पर काफी दुष्प्रभाव पड़ता है इसलिए हमें हमेशा संगति अच्छी करनी चाहिए, कुसंगति से बचना चाहिए क्योंकि कुसंगति हमारे जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। अच्छे लोगों की संगति जीवन को काफी बेहतर बनाती है।

दोस्तों मेरे द्वारा लिखा ये आर्टिकल आपको कितना अच्छा लगा हमें बताएं, इसी तरह के बेहतरीन आर्टिकल पढ़ने के लिए हमें सब्सक्राइब करें धन्यवाद।

Saturday 15 June 2024

हरे भरे खेत पर निबंध Hare bhare khet essay in hindi

Hare bhare khet essay in hindi


हमारा भारत देश एक कृषि प्रधान देश है । इस भारत देश में ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर लोग किसान हैं और वह अपने हरे भरे खेतों में खेती करके जीवन यापन करते हैं । खेती करना ही उनका प्रमुख कार्य होता है । खेती करके ही वह अपने जीवन को चलाते हैं । 


हरे भरे खेत उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं । जब भी उनके हरे भरे खेतों में अच्छी फसलों का उत्पादन होता है तो हमारे देश के किसान वास्तव में खुशी से झूम जाते हैं । उनके लिए खेत खलियान ही महत्वपूर्ण होते हैं । देश के किसान देश के लिए भी काफी महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि हम सभी किसानों के द्वारा उत्पाद की जाने वाली फसलों पर ही निर्भर हैं । 

हरे भरे खेत हम सभी के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं । जब भी देश में फसल उत्पादन अच्छा होता है तो वास्तव में देश में खुशहाली आती है क्योंकि देश के किसानों को खुशहाल देखकर हर एक नागरिक खुश हो जाता है । हमारे देश के हरे भरे खेत वास्तव में हमें अपनी और आकर्षित करते हैं । 

शहरों में भले ही बहुत कुछ हो लेकिन बहुत कुछ होते हुए भी गांव में हरे भरे खेतों के मुकाबले शहरों में कुछ भी नहीं होता । एक बीमार व्यक्ति भी ग्रामीण क्षेत्रों के हरे भरे खेतों को जब देखता है तो उसके अंदर एक तरह की ऊर्जा आती है और वह हरे भरे खेत वास्तव में उसके लिए काफी महत्वपूर्ण हो जाते हैं । 

किसान अपनी मेहनत से खेतों में फसल बोता है और हरी भरी फसल वास्तव में उसको काफी खुशी देने वाली होती है । हरे भरे खेत हम सभी के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है । 

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Monday 3 June 2024

प्रकृति का संदेश पर निबंध Prakriti ka sandesh essay in hindi

Prakriti ka sandesh essay in hindi

दोस्तों नमस्कार कैसे हैं आप सभी, दोस्तों आज के हमारे इस आर्टिकल में हम पढ़ने वाले हैं प्रकृति का संदेश पर हमारे द्वारा लिखित यह निबंध आप इसे जरूर पढ़ें तो चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे इस निबंध को 

प्रस्तावना 

प्रकृति के अंतर्गत पेड़ पौधे, जलवायु, जीव जंतु सब कुछ आते हैं। प्रकृति हमें कई बार ऐसे संदेश देती है जिनसे हमें सीखना बहुत जरूरी होता है। दरअसल प्रकृति हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है। यदि हम प्रकृति के संदेश को समझें तो हम आने वाली कई समस्याओं से दूर हो सकते हैं और जीवन को बहुत ही बेहतरीन ढंग से जी सकते हैं।

प्रकृति का संदेश 

प्रकृति समय-समय पर हमें संदेश देती रहती है यदि मनुष्य इस संदेश को समझ जाता है तो जीवन में उसे आने वाली समस्याओ को झेलना नहीं पड़ता लेकिन इसके विपरीत यदि प्रकृति का संदेश मनुष्य नहीं समझ पाता तो आने वाले समय में उसे विकराल परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

आज के समय में हम देखते हैं की आधुनिकता के इस शहरीकरण के दौर में मनुष्य तेजी से विकास कर रहा है, लोग गांव से दिन प्रतिदिन शहरों की ओर अग्रसर हो रहे है, नए-नए शहर बनते जा रहे हैं, कई आधुनिक फैक्ट्रियां लग रही है और इसी आधुनिकता के दौर में मनुष्य पेड़ पौधों की कटाई कर रहा है। कई तरह के वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, जल प्रदूषण आदि भी हो रहा है।

जब हम यह कृत्य करते हैं तो प्रकृति हमें सचेत करती है। आज हम देखें तो प्रकृति हमें संदेश देती है दरअसल प्रकृति में हमारे द्वारा किए गए कृत्य की वजह से आज बरसात सही तरह से नहीं होती इसके अलावा धूप अत्यधिक पड़ती है जिसकी वजह से मनुष्य, जीव जंतु सभी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

हमारे कृत्य की वजह से आज पानी काफी नीचे जा चुका है और हमको पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है फिलहाल में अभी प्रकृति हमें यह संदेश दे रही है की पानी का स्तर जो नीचे जा चुका है उससे आप यह अंदाजा लगा सकते हैं कि यदि आप अपने किए गए कृत्य को नहीं सुधारते हैं यानी मेरे संदेश को नहीं समझते हैं और इसी तरह से यदि पेड़ पौधे की कटाई करते रहते हैं, पानी को व्यर्थ में बहाते रहते हैं तो आने वाले समय में आपको पीने के लिए शायद पानी भी नसीब ना हो।

प्रकृति के इस संदेश को हमें समझना चाहिए हमें समझना चाहिए कि आज हम कई तरह के प्रदूषण की वजह से प्रकृति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई शहरों में वायु प्रदूषण काफी अधिक हो गया है जिस वजह से हम सभी को समस्या का सामना करना पड़ता है। कई बार हम कई तरह के प्रदूषण की वजह से प्रकृति को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

कई बार सरकार प्रदूषण की वजह से वाहनों पर रोक भी लग चुकी है हम सभी को इस बढ़ते हुए प्रदूषण को देखते हुए प्रकृति का संदेश समझना चाहिए कि यदि हम इसी तरह से वायु प्रदूषण करते रहे तो पृथ्वी पर रहना मुश्किल हो जाएगा, हमें अन्यत्र किसी ग्रह पर जाना पड़ेगा इसलिए हमें प्रकृति के संदेशों को समझना जरूरी है।

उपसंहार 

यदि हम पेड़ पौधों की कटाई ना करें, पेड़ पौधे लगाए, किसी भी तरह का प्रदूषण ना फैलाएं, जीव जंतुओ को भी बेवजह नुकसान ना पहुंचाएं और प्रकृति के अनुसार चलें तो हम जीवन में आगे इस पृथ्वी पर रह सकते हैं वरना यदि हम पृथ्वी के संदेशों को इग्नोर करते हैं तो आने वाले समय में पृथ्वी पर रहना हमारे लिए काफी मुश्किल हो सकता है।

दोस्तों मेरे द्वारा लिखा यह आर्टिकल Prakriti ka sandesh essay in hindi आप अपने दोस्तों में शेयर करें धन्यवाद।