Thursday 3 June 2021

सब दिन जात न एक समान पर निबंध Sabe din jaat na ek saman essay in hindi

Sabe din jaat na ek saman essay in hindi

सब दिन जात न एक समान इस शब्द का तात्पर्य है कि मनुष्य के सभी दिन एक समान नहीं गुजरते हैं। दिनों में परिवर्तन हमेशा देखने को मिलता है। आज यदि हम अपने चारों और गर्मी देखते हैं। 


गर्मी के मौसम की वजह से घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है तो जरूर ही कल इस गर्मी से निजात मिलेगी और फिर बरसात का मौसम आएगा। सभी दिन एक समान नहीं गुजरते, इनमें परिवर्तन होना तय होता है। 

आज यदि चारों ओर बरसात हो रही है तो कल बरसात भी रुकेगी। आज यदि सर्दी का मौसम है तो कल हमें सर्दी का मौसम भी जाता हुआ दिखेगा। यह मौसम हमेशा एक सा नहीं रहेगा सब दिन होत न एक समान। 

जीवन में मनुष्य के साथ कई ऐसे पल आते हैं जिससे मनुष्य को लगता है कि है दिन कभी नहीं गुजरने वाले लेकिन समय के साथ बुरे दिन भी गुजर जाते हैं। समय में बहुत शक्ति होती है। समय के साथ एक गरीब व्यक्ति अमीर बन जाता है, समय के साथ एक अमीर व्यक्ति गरीब बन जाता है। 

समय मैं सबसे बड़ी ताकत होती है समय के साथ मेहनत करके एक व्यक्ति एक सफल व्यक्ति बन जाता है। यदि किसी का किसी कारणवश व्यापार नहीं चलता तो जरूरी नहीं कि उसके दिन आगे भी ऐसे ही गुजरे। हो सकता है कल उसका व्यापार बहुत ही तेजी से चले। 

समय के साथ सब कुछ बदल जाता है सभी दिन एक समान नहीं होते, धीरे-धीरे समय कब निकल जाता है, कब हमारे जीवन में नए नए परिवर्तन ले आता है हमको भी पता नहीं चल पाता। 

जो व्यक्ति इस कहावत को समझता है कि सबे दिन होत ना एक समान वह कभी भी अपने जीवन में दुखी नहीं होता क्योंकि उसे पता होता है कि आज दुख है तो कल सुख होगा इसलिए हमें समय के महत्व को समझते हुए जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।

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