Wednesday 22 May 2024

प्राणी हमसे कहते हैं जियो और जीने दो निबंध Prani humse kehte hai jiyo aur jeene do essay in hindi

Prani humse kehte hai jiyo aur jeene do essay in hindi

दोस्तों नमस्कार कैसे हैं आप सभी, दोस्तों आज के हमारे आर्टिकल में हम पढ़ने वाले हैं प्राणी हमसे कहते हैं जीओ और जीने दो पर हमारे द्वारा लिखित यह आर्टिकल 

आप इसे जरूर पढ़ें तो चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे इस लेख को

प्रस्तावना 

जीवन में हम कई जगह देखते हैं और महसूस करते हैं कि प्राणी हमसे कहते हैं कि जियो और जीने दो। आज के समय में यह भावना मनुष्य के अंदर आना बहुत जरूरी है क्योंकि मनुष्य एक ऐसा व्यक्ति है जिसका कर्तव्य है दूसरों की रक्षा करना।

प्राणी हमसे कहते हैं जियो और जीने दो

देश दुनिया में कई जीव जंतु रहते हैं जो पर्यावरण और हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं लेकिन मनुष्य कई बार अपने निजी फायदे या बिना किसी फायदे के भी जीव जंतुओं को नुकसान पहुंचा रहा है। 

आज हम देखें तो मनुष्य बिना किसी फायदे के नदियों, तालाबों को प्रदूषित करता है। इससे नदियां प्रदूषित होती हैं और उसमें रहने वाले जीव जंतु नष्ट होते जाते हैं। कभी-कभी उन जीव जंतुओं को देखकर ऐसा लगता है कि जैसे वह कह रहे हो कि जियो और जीने दो।

इसके अलावा आज के समय में हम देखें तो मनुष्य ने शहरीकरण के दौर में पेड़ पौधों की अंधाधुंध खटाई की है। जब चारों ओर पेड़ पौधे देखने को नहीं मिलते तो हमारा भी मन घबरा जाता है। शहरों में पेड़ पौधे दिखना काफी मुश्किल भी हो गया है क्योंकि आजकल पेड़ पौधों की काफी ज्यादा कटाई हुई है, कभी कभी किसी पेड़ पौधे को देखकर ऐसा महसूस होता है कि वह भी हमसे कह रहे हो कि जियो और जीने दो।

आज हम देखें तो खेती में किसान भाइयों को काफी मुश्किल परिस्थिति का सामना करना पड़ रहा है। पहले जैसी खेती नहीं हो पा रही है आज के समय में हम देखें तो किसानों ने अपने कुछ फायदे के लिए मिट्टी में उपस्थित ऐसे जीव जंतुओं को नष्ट कर दिए हैं जिसकी वजह से आज किसानों को भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और मिट्टी में उपस्थित वह जीव जंतु लगभग पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं जिस वजह से कभी-कभी ऐसा लगता है कि ऐसे जीव जंतु हमसे कह रहे हैं कि जियो और जीने दो। 

इन सबके अलावा भी कई जीव जंतुओ को मनुष्य अपने निजी फायदे या केवल मनोरंजन के लिए किसी न किसी तरह से नुकसान पहुंचाता है। जीव जंतु हमसे कुछ कह तो नहीं पाते हैं लेकिन हम उनकी आंखों में देखकर उनके हाव-भाव देखकर महसूस कर सकते हैं कि वह हमसे अक्सर कहते हैं कि जियो और जीने दो।

जीव जंतु कभी भी बिना मतलब के किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते है यदि हम उनको नुकसान ना पहुंचाएं तो लेकिन मनुष्य बिना मतलब के भी कई जीव जंतुओं को नुकसान पहुंचाता है इसकी वजह से प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है।

हम सबको यह समझना चाहिए कि हम एक अच्छा जीवन तभी गुजार सकते हैं जब हम दूसरों को भी अच्छा जीवन गुजारने दें। 

दोस्तों मेरे द्वारा लिखित यह आर्टिकल आपको कैसा लगा, हमारे आर्टीकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें धन्यवाद।

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